
पासपोर्ट नियमों में बदलाव
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन करते हुए पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय जन्म तिथि के प्रमाण से जुड़े नए नियम लागू किए हैं।
पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2025 के तहत 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे आवेदकों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म तिथि का एकमात्र वैध प्रमाण होगा। सरकारी गजट में जारी अधिसूचना के अनुसार, स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची को अपडेट किया गया है ताकि देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के लिए जन्म रिकॉर्ड की सत्यापन प्रक्रिया को एक समान बनाया जा सके।
संशोधन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे व्यक्तियों को जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जो रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स, नगर निगम या जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत अधिकृत किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया हो।
इस नियम के तहत इस श्रेणी के आवेदकों के लिए जन्म तिथि साबित करने के लिए केवल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। इस बदलाव से आधिकारिक रूप से दर्ज जन्म रिकॉर्ड के उपयोग को मजबूत करने और सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने की उम्मीद है।
पुराने आवेदकों के लिए पहले वाले विकल्प जारी
1 अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे आवेदकों के लिए नियम पहले की तरह लचीले रहेंगे। वे जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं:
जन्म प्रमाण पत्र
स्कूल लीविंग या मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र
पैन कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
वोटर आईडी कार्ड
सरकारी कर्मचारियों के लिए सर्विस रिकॉर्ड
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) या अन्य सरकारी कंपनियों द्वारा जारी बीमा पॉलिसी बॉन्ड
यह संशोधन पासपोर्ट सेवाओं में दस्तावेजी मानकों को बेहतर बनाने के लिए सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। पासपोर्ट रूल्स, 1980 पहली बार दिसंबर 1980 में जारी किए गए थे और समय-समय पर उनमें कई संशोधन किए गए हैं, जिनमें सबसे हालिया संशोधन सितंबर 2023 में किया गया ।