चाणक्य की नीति के अनुसार हर किसी से दुश्मनी लेना समझदारी नहीं होती। कुछ लोगों से बैर मोल लेना अपने लिए मुसीबत को बुलावा देने के बराबर है। आइए जानते हैं वे सात प्रकार के लोग जिनसे कभी पंगा नहीं लेना चाहिए।
- ताकत, धन और पद वाला व्यक्ति
जिसके पास पैसा, पद और प्रभाव हो, उससे टकराना भारी पड़ सकता है। ऐसे लोग अपनी शक्ति से हालात अपने पक्ष में मोड़ सकते हैं। यदि कोई समस्या हो तो अहंकार नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें। - आपका खाना बनाने वाला व्यक्ति
जो आपका भोजन तैयार करता है, वह सीधे आपकी सेहत से जुड़ा होता है। पुराने समय में राजाओं से लेकर आम लोगों तक रसोइयों का विशेष महत्व था। उससे दुश्मनी रखना अपने लिए खतरा बन सकता है। इसलिए उसके साथ अच्छा व्यवहार रखें। - डॉक्टर
जो आपकी जान की देखभाल करता है, उससे टकराना बहुत जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टर पर विश्वास और सम्मान जरूरी है। यदि कोई बात हो तो तुरंत स्पष्ट करें, क्योंकि डॉक्टर से विवाद कभी फायदेमंद नहीं होता। - राज जानने वाला मित्र
जो मित्र आपके सारे राज जानता हो, उससे दुश्मनी बड़ा नुकसान कर सकती है। उदाहरण के तौर पर, विभीषण ने लंका के रहस्य खोल दिए थे। यदि राज जानने वाला व्यक्ति विरोधी बन जाए, तो वह भारी हानि पहुंचा सकता है। - अमीर व्यक्ति
बहुत धनवान व्यक्ति अपने पैसे और संसाधनों से परिस्थितियां अपने पक्ष में कर सकता है। इसलिए अमीर लोगों से बिना कारण दुश्मनी न करें। - दुष्ट या बुरा व्यक्ति
बुरा इंसान सांप या बिच्छू की तरह होता है—पता नहीं कब और कैसे वार कर दे। ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखना ही सबसे अच्छी सुरक्षा है। - मूर्ख व्यक्ति
मूर्ख व्यक्ति तर्क नहीं समझता। वह भावनाओं और अहंकार से निर्णय लेता है। उससे बहस करना समय और ऊर्जा की बर्बादी है। समझदार व्यक्ति हमेशा ऐसे लोगों से दूर रहता है।