अमेरिका में भारतीय मूल के एक कॉर्पोरेट कार्यकारी को बहु-मिलियन डॉलर के वेतन धोखाधड़ी घोटाले को अंजाम देने के आरोप में दोषी ठहराया गया है।
47 वर्षीय करण गुप्ता को अपने नियोक्ता से 1.2 मिलियन डॉलर (लगभग ₹11 करोड़) से अधिक की राशि एक सुनियोजित किकबैक योजना के जरिए हड़पने का दोषी पाया गया।
गुप्ता Optum में सीनियर डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे, जो UnitedHealth Group की मिनेसोटा स्थित सहायक कंपनी है। उनका वार्षिक वेतन 2,60,000 डॉलर (लगभग ₹2.3 करोड़) से अधिक था।
योजना कैसे काम करती थी
संघीय जांचकर्ताओं के अनुसार, यह धोखाधड़ी 2015 में शुरू हुई जब गुप्ता ने अपने बचपन के एक करीबी मित्र को Optum में डेटा इंजीनियरिंग के उच्च वेतन वाले प्रबंधकीय पद पर नियुक्त कराया। आरोप है कि उस मित्र ने गुप्ता द्वारा तैयार किए गए फर्जी बायोडाटा के आधार पर नौकरी हासिल की।
नौकरी मिलने के बाद वह सीधे गुप्ता को रिपोर्ट करता था। अधिकारियों के मुताबिक, लगभग चार वर्षों तक उस मित्र ने बहुत कम या लगभग कोई वैध काम नहीं किया। उसने सहकर्मियों से न्यूनतम संपर्क रखा, बहुत कम ईमेल भेजे और कभी-कभी हफ्तों तक अपने कार्य कंप्यूटर में लॉग-इन तक नहीं किया — इसके बावजूद वह छह अंकों वाला वेतन, वेतनवृद्धि और बोनस प्राप्त करता रहा।
किकबैक और छिपाने की कोशिश
अभियोजकों ने खुलासा किया कि गुप्ता ने अपने मित्र को निर्देश दिया था कि वह अपने वेतन का आधे से अधिक हिस्सा उन्हें किकबैक के रूप में लौटाए।
शुरुआत में, न्यू जर्सी में रहने वाला मित्र अपने बैंक खाते से नकद निकालकर न्यू जर्सी स्थित उसी बैंक की शाखा में जमा करता था, जहां गुप्ता का खाता था, जिससे गुप्ता कैलिफोर्निया से धन निकाल सकते थे।
बाद में पकड़े जाने से बचने के लिए, उस मित्र ने एक अलग चेकिंग खाता खोला, जिसमें उसका वेतन जमा होता था, और उसने उस खाते का डेबिट कार्ड गुप्ता को दे दिया। गुप्ता कैलिफोर्निया में एटीएम से उस कार्ड के जरिए नकद निकालते थे।
जांच और सजा
यह योजना 2019 के अंत में उजागर हुई जब Optum ने एक अलग अनुशासनात्मक मामले में गुप्ता को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद की आंतरिक समीक्षा में किकबैक व्यवस्था का खुलासा हुआ, जिसके बाद कंपनी ने संघीय अधिकारियों को सूचित किया।
जांचकर्ताओं ने पाया कि गुप्ता की विभिन्न धोखाधड़ी गतिविधियों से कंपनी को 1.2 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ।
संघीय मुकदमे के बाद गुप्ता को धोखाधड़ी से संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया गया। सजा की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
यह मामला अमेरिका में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और आंतरिक धोखाधड़ी पर बढ़ती निगरानी को दर्शाता है।
- 20 February, 2026
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