गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश रही असफल
54 वर्षीय भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने मैनहैटन की संघीय अदालत में एक असफल हत्या साजिश मामले से संबंधित आरोपों को स्वीकार कर लिया है। यह मामला अमेरिका में स्थित खालिस्तानी नेता और प्रतिबंधित संगठन “सिख्स फॉर जस्टिस” के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नून को निशाना बनाने की साजिश से जुड़ा है।
गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने 2023 के दौरान न्यूयॉर्क शहर में पन्नून की हत्या करवाने के लिए एक व्यक्ति को 15,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था। जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण के बाद उसने पहले खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन इस महीने उसने अपना बयान बदलकर दोष स्वीकार कर लिया।
गुप्ता को हत्या की साजिश सहित प्रत्यर्पण और फिरौती से जुड़े मामलों में दोषी माना गया है। इन सभी आरोपों के लिए उसे अधिकतम 40 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

अमेरिकी अभियोजक के अनुसार, गुप्ता को एक भारतीय सरकारी अधिकारी द्वारा भर्ती किया गया था, जिसका नाम अमेरिकी अभियोगपत्र में विकास यादव दर्ज है और जो वर्तमान में भारत में मौजूद है। यह साजिश उस समय विफल हो गई जब जिस व्यक्ति को किराए का हत्यारा समझा जा रहा था, वह वास्तव में कानून प्रवर्तन एजेंसी का एक गुप्त अधिकारी निकला।
इस मामले ने कूटनीतिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। भारत ने आधिकारिक रूप से इसमें किसी भी प्रकार की सरकारी भूमिका से इनकार किया है और कहा है कि इस तरह की कार्रवाई उसकी आधिकारिक नीति को प्रतिबिंबित नहीं करती।
गुप्ता को मई 2026 में सजा सुनाई जाएगी।

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